हिंदी शायरी : जहर में इतना जहर नहीं होगा जितना कुछ लोग दूसरों के लिए अपने दिल पर रखते हैं

Abrar khan
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मैं अबरार खान आपका स्वागत करता हूं अपने इस ब्लॉग पर, आपको यहां बहुत ही खूबसूरत शायरियों का कलेक्शन मिलेगा। मैं आशा करता हूं आपको ये शायरियां पसंद आयेगी। अगर आपको मेरी शायरियां अच्छी लगती है तो कमेन्ट करके जरूर बताए धन्यवाद
Internet shayri
1. दो दिलों की धड़कनों में एक साज़ होता है,
सबको अपनी-अपनी मोहब्बत पर नाज़ होता है,
उसमें से हर एक बेवफा नहीं होता,
उसकी बेवफ़ाई के पीछे भी कोई राज होता है।
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2. कैसा वक़्त है यह, उसे फुर्सत नहीं मुझे याद करने की,
कभी वो शख्स मेरी ही सांसों से जिया करता था।
3. कुछ दर्द कुछ नमी कुछ बातें जुदाई की,
गुजर गया ख्यालों से, तेरी याद का मौसम।
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4. जिस दिन बंद कर ली हमने आंखें,
कई आँखों से उस दिन आँसू बरसेंगे,
जो कहते हैं कि बहुत तंग करते है हम,
वही हमारी एक शरारत को तरसेंगे।
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5. एक पल में एक सदी का मज़ा हम से पूछिए,
दो दिन की ज़िन्दगी का मजा हम से पूछिए।
भूले हैं उन्हें रफ्ता रफ्ता मुद्दतों में हम,
किस्तों में खुदखुशी का मजा हम से पूछिए।
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6. अपनापन, परवाह, आदर और समय,
ये वो दौलत है जो हमारे अपने हमसे चाहते है।”
जहर में इतना जहर नहीं होगा जितना कुछ लोग दूसरों के, लिए अपने दिल पर रखते हैं।”

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Thank you. Aese Hi Padhte rhiye hmare blog ki Shayari or Hume Support krte rhiye

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